" भारत उत्सवों की भूमि है, शायद ही 365 में कोई एक दिन बचा होगा जब हिंदुस्तान के किसी न किसी कोने में उत्सव ना मनाया जाता हो। हजारों साल की सांस्कृतिक परम्परा के कारण हमारे देश ने उत्सवों को भी संस्कार का शिक्षा का और सामूहिक जीवन का एक निरंतर प्रशिक्षण करने का काम किया है। "🕉️🚩💐❣️🌹🙏

Santoshkumar B Pandey at 9.50Pm.

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